बरेली। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत बैंक सखियों ने मंगलवार को अपना मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई। बैंक सखियों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं, लेकिन वर्तमान में मिलने वाला चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई के मुकाबले काफी कम है।
बैंक सखियों ने बताया कि वे ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और अन्य नागरिकों के बैंक खाते खुलवाने, आधार ई-केवाईसी, जमा-निकासी, वित्तीय साक्षरता सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाओं में सहयोग करती हैं। इसके लिए उन्हें गांव-गांव जाना पड़ता है। आने-जाने, मोबाइल, इंटरनेट समेत अन्य खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करने पड़ते हैं।
मेघा, रेखा शर्मा, माधुरी गुप्ता, अंजू कुमारी, डिम्पल यादव, बबली, गायत्री, कोमल, सीमा और प्रियंका सहित अन्य बैंक सखियों ने जिलाधिकारी से मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा उनकी सेवाओं को स्थायी और नियमित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महंगाई और कार्यभार को देखते हुए भविष्य में मानदेय में समय-समय पर उचित वृद्धि भी सुनिश्चित की जाए।
बैंक सखियों ने संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अपनी मांग शासन तक पहुंचाकर सकारात्मक कार्रवाई की अपील की।









