बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो बाल श्रमिक कराए गए मुक्त

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कुशीनगर। जनपद में बाल श्रम की रोकथाम को लेकर श्रम विभाग, पुलिस विभाग एवं चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने सोमवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान पडरौना के रविंद्र नगर स्थित सोहरौना क्षेत्र में दो प्रतिष्ठानों से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।

संयुक्त टीम ने श्री गुप्ता जी टी स्टॉल एवं मिश्रा जनरल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां बाल श्रमिकों से काम कराया जाना पाया गया। टीम ने दोनों बाल श्रमिकों को तत्काल अवमुक्त कराया। इसके बाद दोनों को बाल कल्याण समिति, कुशीनगर के समक्ष प्रस्तुत कर सुपुर्द किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संबंधित सेवायोजकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधित प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने आमजन से अपील की कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराना अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन का अधिकार है। बाल श्रम कराते पकड़े जाने पर नियमानुसार छह माह से दो वर्ष तक की कैद तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी, थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की पुलिस टीम तथा चाइल्ड लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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