गोरखपुर: रेलवे स्टेशन गोरखपुर से बिहार तक ट्रेन से शराब की हो रही तस्करी,9 संविदा कर्मी पर हुई कार्रवाई,संविदा समाप्त करने के लिए विभाग को लिखा पत्र – एसपी जीआरपी

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गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से बिहार तक शराब की तस्करी हो रही है. बिहार में शराब बंदी होने की वजह से यूपी से बिहार शराब रेलवे के संविदा कर्मी ट्रेन के माध्यम से भेज रहे हैं. बिहार में ले जाकर उसे अच्छे दामों पर बेच रहे हैं.अच्छी खासी रकम कमा ले रहे हैं.एसपी जीआरपी का कहना है कि बिहार में शराब बंद है और वहां पर सस्ती शराब मिलती है.इस वजह से लोग यहां से शराब ले जाकर बिहार अच्छे कीमत पर बेच देते हैं.उनका कहना है कि पिछले तीन-चार महीने में 9 संविदा कर्मी की संलिप्तता पाई गई है.उन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई है.और उनकी संविदा खत्म करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है.

आप ने पहले अक्सर ट्रेनों से शराब की तस्करी बिहार तक होने की बात सुनी होगी. लेकिन तस्करी कोई रेलवे कर्मी नहीं बल्कि बाहरी व्यक्ति करते निकलता था. लेकिन अब गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे संविदा कर्मी खुद इस काम को आसानी से अंजाम दे रहे हैं. धड़ल्ले से गोरखपुर से बिहार तक ट्रेन से शराब की तस्करी कर रहे हैं.रेलवे में संविदा पर तैनात ये संविदा कर्मी , कोच अटेंडेंस ,बिजली कर्मी, या सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं.

ये लोग मुनाफाखोरी के चक्कर में बिहार तक ट्रेन से शराब की सप्लाई कर रहे हैं.दिल्ली, मुंबई कोलकाता ,जितने भी ट्रेन आ रही है जो बिहार तक जाती हैं उन ट्रेनों के माध्यम से संविदा कर्मी शराब भेज रहे हैं. वजह है कि जो भी ट्रेन गोरखपुर आकर रूकती है .10 मिनट से लेकर आधे घंटे ,1 घंटे तक.इसी बीच का जो टाइम होता है , संविदा कर्मी अपना काम करते हैं.और आसानी से शराब को ट्रेन में रखकर बिहार तक भेज देते हैं.साथ ही जिनकी ड्यूटी होती है वे लोग ट्रेन से सफर करते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचा भी देते हैं.क्योंकि उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं. इसी का फायदा उठाकर वह लोग आसानी से शराब की तस्करी करते हैं.

जीआरपी पुलिस का कहना है कि 11 अगस्त को अवध-असम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15910) में नियमित चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान एक कोच अटेंडेंट की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. तलाशी लेने पर उसके पिठू बैग से शराब की बोतलें बरामद हुईं.आरोपी की पहचान असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरांग थाना क्षेत्र स्थित गौर पठार गांव निवासी 32 वर्षीय दिगन्ता गोगोई पुत्र महेश्वरी गोगोई के रूप में हुई है.आरोपी के बैग से कुल 15 बोतल शराब बरामद की गया.इनमें 750-750 एमएल की 9 बोतल रॉयल स्टैग और 750-750 एमएल की 6 बोतल रॉयल ग्रीन व्हिस्की शामिल हैं. बरामद शराब की कुल मात्रा 11.250 लीटर और अनुमानित कीमत 10,350 रुपए बताई गई है.जीआरपी पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में कोच अटेंडेंट का काम करता है.नौकरी का फायदा उठाकर वह उत्तर प्रदेश से शराब खरीदता और ट्रेनों के जरिए बिहार ले जाकर दोगुने दाम पर बेचता था.

बरामदगी के बाद जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर किया और उसके खिलाफ आगे की विधि कार्रवाई की गई. जीआरपी पुलिस का कहना है कि
पकड़े गए आरोपी के पहले आठ और लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है.

इस संवंध में एसपी जीआरपी गोरखपुर ने बताया कि जीआरपी और RPF द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई किया जाता है. इधर पिछले तीन-चार महीने में रेलवे के जो संविदा कर्मी है जिसमे कोच अटेंडेंट ,बिजली कर्मी , सफाई कर्मी सामिल हैं. इन लोगों द्वारा उनके संलिप्तता प्रकाश में आई है . उन्होंने बताया कि अब तक गोरखपुर अनुभाग में नौ संविदा कर्मियों पर कार्रवाई की गई है.उन्होंने बताया की उनके द्वारा संविदा कर्मियों की रेलवे विभाग को पत्र लिखा गया है कि इनका संविदा समाप्त किया जाए जो अपराधी के गतिविधियों में संलिप्त हैं.एसपी जीआरपी ने कहा कि बिहार कई स्टेट है वहां पर शराब बन्द है.और यहां यूपी में शराब सस्ती मिलती है.इस लिए यहां से सस्ती शराब ले जाते हैं ,और बिहार ले जाकर अच्छे दामों में बेच देते हैं. उन्होंने कहा कि इसमें किसी अधिकारी की सनलिप्तता नहीं है ,केवल इसमें संविदा कर्मी की संलिप्तता है जिनकी संविदा समाप्त करने के लिए उन्होंने पत्र लिखा है.

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