हिमाचल प्रदेश में आम जनता को झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर लगने वाले ‘अनाथ और विधवा सेस’ में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसका सीधा असर अब राज्य के लोगों की जेब पर पड़ेगा। नई दरें 12 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि यानी बुधवार रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी।

कितना बढ़ेगा दाम

नए सेस के लागू होने के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में प्रति लीटर 60 पैसे का इजाफा होगा। यानी बुधवार रात के बाद हिमाचल में तेल खरीदने वालों को पहले से 60 पैसे प्रति लीटर ज्यादा चुकाने होंगे।

कानूनी पृष्ठभूमि

इस फैसले की जमीन अप्रैल 2026 के विधानसभा बजट सत्र में ही तैयार हो गई थी, जब हिमाचल प्रदेश VAT (संशोधन) कानून, 2026 पारित हुआ था। उस कानून में इस सेस की अधिकतम सीमा 5 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी। अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर शुरुआती दर के तौर पर 60 पैसे लागू किया है।

राजस्व का इस्तेमाल कहां होगा

सरकार का कहना है कि इस सेस से मिलने वाला राजस्व सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा।

निर्माण श्रमिकों को मिलेगी बड़ी राहत

इसी बीच राज्य सरकार भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों के लिए भी बड़ा कदम उठाने जा रही है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड 15 अगस्त 2026 को 14 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 पात्र लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देगा। बोर्ड में फिलहाल करीब 4.84 लाख मजदूर पंजीकृत हैं। मौजूदा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में अब तक करीब 95 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है, और आने वाले साल में 300 करोड़ रुपये बांटने का लक्ष्य रखा गया है।

फर्जी लाभार्थियों पर शिकंजा

पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने 98 हजार पंजीकृत मजदूरों का e-KYC सत्यापन कराया, जिसमें साल 2021-22 के दौरान करीब 70 हजार अपात्र लोगों के नाम दर्ज मिले। इन्हें 176 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटे जा चुके थे। अब इन फर्जी नामों को हटाया जा रहा है ताकि लाभ केवल असली हकदार मजदूरों तक पहुंचे।

किस योजना को कितना फंड

  • शादी सहायता योजना: 8.98 करोड़ रुपये
  • शिक्षा सहायता योजना: 7.89 करोड़ रुपये
  • मृत्यु व अंत्येष्टि सहायता: 1.49 करोड़ रुपये
  • CM/PM आवास योजना: 89.77 लाख रुपये
  • एकल, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं के लिए: 61 लाख रुपये
  • मातृत्व/पितृत्व सहायता योजना: 38.02 लाख रुपये

और पढ़ें

[the_ad id="164"]