खड्डा (कुशीनगर)। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद गंडक (नारायणी) नदी का उफान शनिवार को भी बरकरार रहा। हालांकि वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी दर्ज की गई है, लेकिन नदी का जलस्तर अब भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रहा है। तेज बहाव और कटान के कारण छितौनी तटबंध के कई हिस्सों पर दबाव बना हुआ है, जबकि रेता क्षेत्र का खड्डा तहसील मुख्यालय से संपर्क अब भी प्रभावित है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, शनिवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर दो लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया था। इसके बाद शुक्रवार को डिस्चार्ज में कमी आई और शनिवार को भी पानी का बहाव पहले की तुलना में कम रहा। बावजूद इसके, गंडक नदी का जलस्तर खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज पर चेतावनी बिंदु 95 मीटर से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। जलस्तर ऊंचा रहने के कारण नदी का दबाव छितौनी तटबंध और हाल ही में बनाए गए स्परों पर लगातार बना हुआ है।
नदी के तेज बहाव से भेड़ियारी क्षेत्र स्थित ठोकर संख्या-3 के समीप कटान तेज हो गई है। यहां स्थित विश्रामगृह और अंत्येष्टि स्थल नदी की जद में आ गए हैं। कटान लगातार इन स्थलों की ओर बढ़ रही है, जिससे इनके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का रुख नहीं बदला और कटान की गति इसी तरह बनी रही तो ये दोनों स्थल कभी भी नदी में समाहित हो सकते हैं। इससे आसपास के गांवों में भय और चिंता का माहौल है।
उधर, रोहुआ नाले के ऊपर रविवार को भी पानी बहता रहा। इसके कारण रेता क्षेत्र के लोगों का खड्डा तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क बाधित बना हुआ है। क्षेत्र के लोग आवश्यक कार्यों, इलाज, बाजार और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता अपनाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर कम होने तक उनकी परेशानियां कम होने की संभावना नहीं है।
नदी का दबाव छितौनी तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर भी लगातार बना हुआ है। चेतावनी तटबंध के ठोकर संख्या-2 के समीप कुछ सीमेंटेड ब्लॉकों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है। इसके बावजूद विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीमें लगातार तटबंध, स्परों और कटान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं।
बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन कुमार ने बताया कि छितौनी तटबंध के कुछ स्परों पर नदी का दबाव बना हुआ है। विभागीय टीमें चौबीस घंटे निगरानी कर रही हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के रुख में किसी भी बदलाव को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
गंडक नदी के उफान और लगातार जारी कटान ने एक बार फिर रेता क्षेत्र के हजारों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों की निगाहें अब नदी के जलस्तर और नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा पर टिकी हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि तटवर्ती गांवों के लोग संभावित खतरे को लेकर सतर्क बने हुए हैं।









