देवरिया जिले के खामपार थाने में पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। युवक की पहचान इरफान आलम के रूप में हुई है। हालत गंभीर होने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपार रानी ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज देवरिया और फिर बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया गया।
इस मामले में परिजनों ने युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें होने की बात कही है, जबकि पुलिस का दावा है कि उसकी तबीयत मिर्गी का दौरा पड़ने के कारण बिगड़ी। ऐसे में युवक की हालत बिगड़ने के वास्तविक कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस हिरासत में मारपीट किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूछताछ के बाद बिगड़ी युवक की हालत
मामला देवरिया के खामपार थाने का है, जहां नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत की जांच के सिलसिले में इरफान आलम को पूछताछ के लिए लाया गया था।
परिजनों के मुताबिक, उन्हें रात में इस बात की जानकारी नहीं हो सकी कि इरफान थाने में है। सुबह जब उन्हें उसकी हालत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, तो वे अस्पताल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि युवक के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, जिसे देखकर उन्होंने चिंता जताई।
इरफान के चचेरे भाई शाहिद खान के अनुसार, परिवार को पहले उसकी थाने में मौजूदगी की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि युवक की हालत देखकर उन्हें संदेह हुआ, हालांकि पूछताछ के दौरान मारपीट किए जाने की बात संबंधित लोगों ने नकार दी।
नौकरी के नाम पर पैसे लेने की शिकायत
पुलिस के अनुसार, कुशीनगर जिले के बड़हरा बाजार निवासी दुर्गेश बांसफोर ने खामपार थाने में प्रार्थना पत्र देकर इरफान आलम पर नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया था।
पुलिस का कहना है कि इसी शिकायत की जांच के सिलसिले में इरफान को 27 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में थाने के अभिलेख में प्रविष्टि भी दर्ज है।
पुलिस ने बताया कि 28 अक्टूबर की सुबह करीब पौने दस बजे इरफान ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद उसे उपचार के लिए सीएचसी भाटपार रानी ले जाया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर किया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा गया।
पुलिस के दावे और परिजनों के सवाल
पुलिस के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने युवक की हालत बिगड़ने की वजह मिर्गी का दौरा पड़ना बताया। वहीं, परिजन उसके चेहरे पर चोट होने की बात कह रहे हैं।
ऐसे में युवक की मेडिकल रिपोर्ट, चोटों की प्रकृति और उनके संभावित कारणों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। साथ ही, थाने में पूछताछ के दौरान की परिस्थितियों और अस्पताल पहुंचने तक के घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर न तो पुलिस हिरासत में मारपीट की पुष्टि हुई है और न ही चेहरे पर बताई गई चोटों का कारण स्पष्ट है। अब सभी की निगाहें युवक की चिकित्सकीय स्थिति और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।









