प्रदर्शन का नेतृत्व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पंडित रवीन्द्र शर्मा ने किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान तथा सहयोग न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका कहना था कि किसी भी अधिवक्ता पर अनुचित दबाव बनाने या उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति अजय भनोट के रवैये पर आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं और उनके सम्मान एवं स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार और बेंच के बीच बेहतर संबंध बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के बीच परस्पर सम्मान जरूरी है।
पूर्व अध्यक्ष पंडित रवीन्द्र शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका का सम्मान तभी कायम रह सकता है, जब बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान बना रहे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के स्वाभिमान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में असंतोष के बीच शताब्दी गेट पर हुए प्रदर्शन ने मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने न्यायिक गरिमा और अपने सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।









