महराजगंज। फरेन्दा न्यायालय ने 25 वर्ष पुराने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों को 30-30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला फरेन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपराखल्ली का है। घटना 10 जुलाई 2001 की बताई गई थी, जिसके संबंध में उसी दिन मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 15 अगस्त 2001 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले में आरोप था कि अभियुक्तों ने पीड़ित पक्ष के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेन्दा ने अभियुक्त बरखू और त्रिपुगी, निवासी ग्राम पिपराखल्ली, थाना फरेन्दा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों को एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। आदेश में यह भी कहा गया कि यदि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया गया तो दोनों को 30-30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले को साबित करने में वादी मधुना देवी तथा तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक सुदामा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। न्यायालय में अभियोजन की ओर से एपीओ शशि भूषण सिंह, कोर्ट मुहर्रिर हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार शुक्ला तथा पेशकार कांस्टेबल जावेद अहमद ने प्रभावी पैरवी की।
इस फैसले के साथ 25 वर्ष पुराने मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुराने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है, ताकि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे।









