महराजगंज। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सिंचाई खंड-2 महराजगंज द्वारा बुधवार शाम 4 बजे जारी बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार गंडक, रोहिन, राप्ती, चंदन और प्यास नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष को अलर्ट मोड पर रखा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक महराजगंज और नेपाल सीमा से जुड़े सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में 12.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सत्र में अब तक 518 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं बांसी गेज (B-GAP) पर 106.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है और वहां कुल वर्षा 954.8 मिमी तक पहुंच गई है।
चंदन और प्यास नदी खतरे के निशान के करीब
रिपोर्ट के अनुसार चंदन और प्यास नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। चंदन नदी का वर्तमान जलस्तर 101.25 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 101.05 मीटर बताया गया है। वहीं प्यास नदी का जलस्तर 102.35 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के स्तर 102.25 मीटर के बेहद करीब है।
गंडक बैराज का डिस्चार्ज बढ़ा
वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 1,91,200 क्यूसेक हो गया है। बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 110.41 मीटर और डाउनस्ट्रीम 107.93 मीटर दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार डिस्चार्ज बढ़ने से नदी के निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें नदी किनारे के क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। सभी बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संभावित आपदा से निपटने के लिए नावों और राहत सामग्री को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो सुरक्षित स्थानों पर जाने में देर न करें।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।









