महराजगंज पोस्ट ऑफिस में अव्यवस्था: तीन में से दो काउंटर बंद, एक काउंटर पर उमड़ी भीड़; घंटों लाइन में खड़े रहे उपभोक्ता

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महराजगंज। जिले के मुख्य डाकघर में व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब डिस्पैच सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद समय पर सेवा नहीं मिल सकी। पोस्ट ऑफिस में बनाए गए तीन डिस्पैच काउंटरों में से केवल एक ही संचालित होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही डाकघर परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी और दिन चढ़ने के साथ कतारें और लंबी होती चली गईं।

डाकघर में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल और अन्य डाक सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं। लेकिन दो काउंटर बंद रहने से पूरे काम का बोझ एक ही कर्मचारी पर आ गया है। इसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्हें कई-कई घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

सुबह से लग रही लंबी कतारें

सोमवार को भी डाकघर खुलते ही लोग अपनी डाक और पार्सल भेजने के लिए पहुंच गए। कुछ ही देर में एकमात्र चालू काउंटर के सामने लंबी लाइन लग गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि कतार डाकघर के बाहर तक पहुंच गई। कई बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज के गांवों से आए लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी

लाइन में लगे लोगों का कहना था कि घंटों इंतजार के बावजूद यह भरोसा नहीं था कि उनका काम उसी दिन हो पाएगा। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि भीड़ और धीमी प्रक्रिया के कारण उन्हें काफी समय तक खड़े रहना पड़ा। कुछ लोगों ने मजबूरी में बिना काम कराए ही वापस लौटना बेहतर समझा।

उपभोक्ताओं में नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तीनों डिस्पैच काउंटर नियमित रूप से संचालित किए जाएं तो भीड़ काफी हद तक कम हो सकती है। उनका आरोप है कि लंबे समय से दो काउंटर बंद रहने के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि डाक विभाग जहां एक ओर आधुनिक और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की बात करता है, वहीं जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की कमी और कुप्रबंधन के चलते लोगों को बुनियादी सेवाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं।

अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बंद पड़े दोनों डिस्पैच काउंटरों को जल्द से जल्द चालू कराया जाए। उनका कहना है कि यदि अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर सभी काउंटर संचालित किए जाएं तो उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और डाकघर में रोजाना लगने वाली लंबी कतारों से भी छुटकारा मिलेगा।

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