कुशीनगर/महराजगंज। कुशीनगर और महराजगंज जनपद की सीमा से नदी पार बसे गांवों के लोगों के लिए रोहुआ नाला इन दिनों बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। नदी पार के गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों के पास रोहुआ नाला से होकर गुजरने के अलावा कोई आसान रास्ता नहीं है।
लेकिन पिछले कई महीनों से नाला पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है और अब लगातार बढ़ते पानी के दबाव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रोहुआ नाला में पानी इतना बढ़ गया है कि चार पहिया और दोपहिया वाहनों से आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मारुति कार नाला पार करते समय पानी के बीच पहुंचते ही बंद हो गई।
पानी गाड़ी के इंजन तक पहुंच गया, जिसके बाद कार बीच पानी में फंस गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मदद कर कार को पानी से बाहर निकाला और ऊंचे स्थान पर पहुंचाया। इसी तरह बाइक से जा रहे पिता-पुत्र की बाइक भी नाले में पानी के बीच पहुंचने के बाद बंद हो गई। बाइक के इंजन में पानी घुसने के बाद उसे किनारे खड़ा कर पानी निकालना पड़ा। ऐसे हालात में लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ रहा है।
बसों का आवागमन भी बंद
रोहुआ नाला में लगातार बढ़ते पानी का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। पानी अधिक होने के कारण बसों का आवागमन बंद हो चुका है। इससे नदी पार के गांवों के लोगों के लिए खड्डा तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी कार्यालय, अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे बड़ी चिंता आपात स्थिति को लेकर है। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए या किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो पानी से भरे रोहुआ नाला को पार करना बड़ी चुनौती बन गया है।
कुशीनगर पहुंचने के लिए लंबा और जोखिम भरा रास्ता
नदी पार के गांवों से कुशीनगर आने के लिए लोगों को पहले बिहार क्षेत्र में स्थित रोहुआ नाला पार करना पड़ता है। इसके बाद बिहार के नौरंगिया और मदनपुर होते हुए कुशीनगर के पनिहवा पहुंचना पड़ता है। पनिहवा से आगे खड्डा तहसील और जिला मुख्यालय की ओर जाना होता है।
ऐसे में रोहुआ नाला में पानी बढ़ने और बस सेवा बंद होने से ग्रामीणों की पूरी आवाजाही व्यवस्था प्रभावित हो गई है। लोगों का कहना है कि महीनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब पानी लगातार बढ़ने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से रोहुआ नाला की स्थिति का स्थायी समाधान कराने, आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराने और आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक साधन की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि नदी पार के गांवों के लोगों को हर बार जान जोखिम में डालकर नाला पार न करना पड़े।









