मदनपुर-सुकरौली के ठोकर नंबर-2 और 3 के बीच दोपहर 12 बजे बरामद हुआ शव, एक दिन पहले महिला का शव मिलने से बढ़ी चिंता; नदी में इंसानों के साथ जानवरों के शव भी बह रहे
खड्डा, कुशीनगर। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और आपदा के बाद अब उसकी भयावह तस्वीर कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र में नारायणी नदी के किनारे दिखाई दे रही है। नेपाल में बड़ी संख्या में लोगों के बाढ़ के पानी में बहने के बाद अब नारायणी नदी में लगातार शव मिलने का सिलसिला जारी है।
शनिवार को एक बार फिर मदनपुर-सुकरौली स्थित ठोकर नंबर-2 और 3 के बीच नारायणी नदी से एक शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हो गई।
जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे मदनपुर-सुकरौली के ठोकर नंबर-2 और ठोकर नंबर-3 के बीच नदी में एक शव दिखाई दिया। स्थानीय लोगों की नजर शव पर पड़ने के बाद इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को नदी से बाहर निकाला।
बरामद शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पहचान के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
नारायणी नदी में शव मिलने की यह घटना लगातार दूसरे दिन सामने आई है। शुक्रवार की रात ठोकर नंबर-3 के पास से एक महिला का शव बरामद किया गया था। रात में शव मिलने के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकाला था।
लगातार दो दिनों से शव मिलने के कारण नारायणी नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नारायणी नदी में शव मिलने का सिलसिला 26 अगस्त से ही लगातार देखने को मिल रहा है। 26 अगस्त की शाम नदी से तीन शव बरामद किए गए थे। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल था। इसके बाद अगले दिन भी महिला का शव मिला और अब शनिवार को एक और शव बरामद किया गया है।
लगातार हो रही इन बरामदगियों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि नेपाल की आपदा में लापता हुए लोगों में से और कितने शव नदी के रास्ते यहां तक पहुंच सकते हैं।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ के तेज पानी में बड़ी संख्या में लोगों के बहने की बात सामने आई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आपदा में बहने वाले कुछ लोगों के शव नेपाल के बैराजों से होते हुए नारायणी नदी में पहुंच रहे हैं।
नारायणी नदी का पानी आगे बढ़ते हुए खड्डा क्षेत्र में आता है। इसी वजह से नदी में बहकर आने वाले शव ठोकरों और किनारे के आसपास दिखाई दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासन द्वारा बरामद शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद मर्चरी भेजा जा रहा है।
नारायणी नदी में सिर्फ इंसानों के शव ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में जानवरों के शव भी बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। नदी की धारा में बहकर आ रहे मवेशियों के शव कई स्थानों पर देखे जा रहे हैं। इससे नेपाल में आई आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नदी में तेज बहाव और लगातार दिखाई दे रही लहरों के कारण एसडीआरएफ की टीम भी पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है। नदी में किसी भी संदिग्ध वस्तु या शव की सूचना मिलने पर टीम तत्काल मौके पर पहुंच रही है।
मदनपुर ठोकर के पास खड्डा उपजिलाधिकारी, खड्डा क्षेत्राधिकारी, खड्डा थाना अध्यक्ष सहित पुलिस और प्रशासनिक बल मौके पर मौजूद है। अधिकारियों द्वारा नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वहीं एसडीआरएफ की टीम लगातार नारायणी नदी में गश्त कर रही है। टीम नदी की धारा और ठोकरों के आसपास विशेष निगरानी बनाए हुए है, ताकि नदी में बहकर आने वाले शवों को समय रहते बरामद किया जा सके।
नेपाल की आपदा के बाद नारायणी नदी का यह दृश्य बेहद विचलित करने वाला है। एक तरफ नदी अपने तेज बहाव के साथ आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ उसी नदी में इंसानों और जानवरों के शव दिखाई दे रहे हैं। लगातार हो रही शवों की बरामदगी ने खड्डा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम नदी पर लगातार नजर बनाए हुए है। बरामद शवों की पहचान और उनके नेपाल की आपदा से संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।









