इलाज के दौरान प्रसूता की मौत, डॉक्टर दंपती पर लापरवाही का आरोप

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कसया। नगर स्थित हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल में शनिवार की रात प्रसव के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतका के पति ने अस्पताल की चिकित्सक डॉ. पिंकी सिंह और उनके पति डॉ. विवेक सिंह पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने, समय रहते रेफर नहीं करने और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कसया थाने में तहरीर देकर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

तहरीर के अनुसार, प्रमोद यादव की पत्नी अन्नू यादव (लगभग 28 वर्ष) निवासी बलिया जिले के धनपलिया गांव कुशीनगर पर्यटन थाना में सिपाही के पोस्ट पर नियुक्त है। उनकी पत्नी गर्भवती थीं और उनका इलाज नियमित रूप से हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉ. पिंकी सिंह की देखरेख में चल रहा था। 22 अगस्त, शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर प्रमोद अपनी पत्नी को शाम करीब तीन बजे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। करीब 4:30 बजे प्रसव के बाद बच्ची का जन्म हुआ। तहरीर में बताया गया है कि रात करीब आठ बजे तक प्रसूता की हालत ठीक थी, लेकिन इंजेक्शन और दवा दिए जाने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

आरोप है कि हालत बिगड़ने पर प्रमोद ने पत्नी को तत्काल रेफर करने का अनुरोध किया, लेकिन चिकित्सक ने रेफर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे डॉ. पिंकी सिंह के पति डॉ. विवेक सिंह पर शराब के नशे में अस्पताल पहुंचकर इलाज करने और रेफर करने का अनुरोध करने पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। तहरीर के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे प्रसूता की अस्पताल में ही मौत हो गई।

प्रमोद का आरोप है कि पत्नी की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे समय रहते रेफर नहीं किया गया। इसके बाद जब वह पत्नी को अस्पताल से बाहर ले जाने लगे तो अस्पताल के मुख्य गेट पर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालक को भी बाहर कर दिया गया और एंबुलेंस का जीपीएस बंद करा दिया गया। उन्होंने इलाज की हिस्ट्री और बीटीएच रिपोर्ट मांगी, लेकिन कथित तौर पर उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। तहरीर में गाली-गलौज, नौकरी से बर्खास्त कराने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

प्रमोद के अनुसार, पत्नी की हालत गंभीर होने के कारण वह अपने भाई और एंबुलेंस चालक के साथ किसी तरह अस्पताल का गेट खुलवाकर पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद प्रमोद ने 108 एंबुलेंस को फोन किया और सरकारी एंबुलेंस से पत्नी को गोरखपुर एम्स की इमरजेंसी में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रमोद ने आरोप लगाया कि पत्नी की मौत के बाद नवजात बच्ची को भी अस्पताल में लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर डॉ. पिंकी सिंह और डॉ. विवेक सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में डा विवेक सिंह ने बताया कि महिला का प्रसव के लिए सीजर किया गया था। प्लेटलेट्स कम थे। उसे मंगाकर जांचकर चढ़ाया गया। करीब 10 बजे मरीज को घबराहट बढ़ने लगी। ऑक्सीजन दिया गया। हालत बिगड़ने पर जितना हो सका बचाने का प्रयास किया गया। रेफर कर देते तब भी मरीज रास्ते में ही मर जाती। लापरवाही और अन्य आरोप निराधार हैं।

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