डीजे की तेज आवाज पर पुलिस की कार्रवाई, पडरौना में 110 लोगों के खिलाफ केस

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डोल मेले के दौरान नियमों की अनदेखी का आरोप, 10 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

कुशीनगरपडरौना में डोल मेले के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने 110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें 10 लोग नामजद हैं, जबकि 100 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, छह सितंबर की देर शाम पडरौना में डोल जुलूस निकाला गया था। जुलूस में भगवान की झांकियों के साथ डीजे बजाया जा रहा था। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने डीजे की धुन पर डांस किया। पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने और अन्य नियमों का पालन नहीं किया गया।

चेतावनी के बाद भी जारी रहा डीजे

पुलिस के मुताबिक, डोल जुलूस से पहले आयोजकों और डीजे संचालकों को नियमों का पालन करने के लिए समझाया गया था। इसके बावजूद तेज आवाज में डीजे बजाने का सिलसिला जारी रहा। पुलिस का कहना है कि मौके पर लोगों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया।

इस मामले में पडरौना कोतवाली पुलिस ने तेज आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों, अश्लील गानों पर नृत्य और ट्रॉली समेत अन्य सामान उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। कोतवाली क्षेत्र के दरोगा चंदन मौर्य और अमित सिंह की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर

तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में कुशीनगर पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। कुछ दिन पहले कसया थाने में 104 डीजे संचालकों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बावजूद बाद के कार्यक्रमों में तेज आवाज में डीजे बजाने का सिलसिला जारी रहा।

कोतवाल ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि डीजे संचालकों को पहले नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और निर्धारित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल है कि धार्मिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जारी निर्देशों का पालन कब सुनिश्चित होगा?

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