तमकुहीराज, कुशीनगर। सुमही विद्युत उपकेंद्र को अलग 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन से जोड़ने के बजाय पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र की मौजूदा लाइन से जोड़ दिए जाने के कारण दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एक ही लाइन पर दो उपकेंद्र संचालित होने से किसी भी स्थान पर फाल्ट आने पर दोनों बिजलीघरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ती है, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र के लिए राजापाकड़ से 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन बनी हुई है। करीब एक वर्ष पहले स्थापित सुमही विद्युत उपकेंद्र को नई लाइन देने के बजाय इसी लाइन से जोड़ दिया गया। इससे पटहेरवा से जुड़े 40 से 50 गांवों के उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में काफी घट गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग रोस्टिंग के नाम पर प्रतिदिन 8 से 10 घंटे बिजली काट रहा है। इसके अलावा लाइन या उपकेंद्र में फाल्ट के कारण 4 से 5 घंटे अतिरिक्त आपूर्ति बाधित रहती है। हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर भी फाल्ट का हवाला देकर बिजली बंद कर दी जाती है। बीते 24 घंटे में मात्र 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल सकी, जबकि पटहेरवा और सुमही उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में सोमवार शाम से आपूर्ति ठप रही।
इस संबंध में पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता ने बताया कि एक ही 33 केवी लाइन से दोनों उपकेंद्र संचालित होने के कारण तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। लाइन में आए फाल्ट को ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। वहीं, उपभोक्ताओं ने अलग हाईटेंशन लाइन बनाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।









