कुशीनगर । खड्डा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर पड़रहवा गांव निवासी एक युवक पर शनिवार सुबह नारायणी नदी के दियारा क्षेत्र में मगरमच्छ ने हमला कर दिया। हमले में युवक के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और कई जगह से मांस निकल जाने के कारण हड्डियां तक दिखाई देने लगीं। घायल युवक का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुर्कहा में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर पड़रहवा सहित आसपास के गांवों के लोगों की खेती नारायणी नदी के उस पार दियारा क्षेत्र में है। रविवार सुबह करीब 10 बजे वीरभार ठोकर के रास्ते नाव से करीब 15 लोग नदी पार कर दियारा में अपने खेत देखने और खेती-किसानी के काम से गए थे। नाव से उतरने के बाद सभी लोग आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में नदी की एक छोटी धारा का करीब चार फीट गहरा पानी पार करते समय निप्पू पुत्र सुभाष पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से निप्पू घबरा गया, लेकिन उसने किसी तरह अपनी जान बचाई और पानी से बाहर निकलकर शोर मचाने लगा। बेटे की चीख सुनकर उसके पिता मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में बेटे को देखकर पिता के होश उड़ गए और वह रोने लगे। पिता की आवाज सुनकर साथ गए अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल निप्पू को नाव तक लाया गया।
इसके बाद नाव से नदी पार कर निप्पू को लक्ष्मीपुर पड़रहवा लाया गया, जहां से परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुर्कहा लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
बताया जा रहा है कि मगरमच्छ ने निप्पू के पैरों को पकड़ने की कोशिश की, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। कई स्थानों पर मांस निकल गया है और चोट इतनी गहरी है कि हड्डी तक दिखाई दे रही है। मगरमच्छ ने उसकी जांघ पर भी हमला करने का प्रयास किया, जिससे वहां भी गंभीर चोट आई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुर्कहा के चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि निप्पू नाम का युवक गंभीर हालत में अस्पताल आया है। उसके पैर में कई जगह गहरी चोट है और कुछ स्थानों पर मांस पूरी तरह निकल गया है, जिससे हड्डी दिखाई दे रही है। युवक ने बताया है कि उस पर मगरमच्छ ने हमला किया था। फिलहाल उसका उपचार किया जा रहा है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी है।
निप्पू शादीशुदा है और उसका करीब पांच वर्ष का एक बेटा भी है। बताया गया कि वह बाहर रहकर पेंटिंग का काम करता है और करीब दो महीने पहले ही घर आया था। मगरमच्छ के हमले की घटना के बाद दियारा क्षेत्र में खेती करने जाने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने नदी की छोटी धाराओं और दियारा क्षेत्र में मगरमच्छ के खतरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।









