कसया। नगर पालिका परिषद कुशीनगर में एसडीएम कसया के औचक निरीक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष किरन जायसवाल ने एसडीएम को पत्र भेजकर निरीक्षण के दौरान कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार करीब डेढ़ घंटे तक बंद कराए जाने और विभिन्न कक्षों में जाकर अभिलेख व पंजीकाएं मांगे जाने पर आपत्ति जताई है।
अध्यक्ष ने एसडीएम से निरीक्षण के लिए सक्षम स्तर से जारी लिखित प्राधिकरण पत्र की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। 20 अगस्त को भेजे गए पत्र में अध्यक्ष किरन जायसवाल ने कहा है कि एसडीएम ने सुबह करीब 10:10 बजे नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार करीब डेढ़ घंटे तक बंद करा दिए गए।
इससे आमजन, सभासदों, कर्मचारियों तथा अन्य कार्यालयी एवं जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हुए। पत्र में कहा गया है कि इसको लेकर आमजन और सभासदों ने रोष भी व्यक्त किया अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने कार्यालय के विभिन्न कक्षों में जाकर संबंधित कर्मचारियों से आधिकारिक पंजीकाएं और अभिलेख मांगे। पत्र में उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1916 की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि नगर पालिका के अभिलेखों और पंजीकाओं के निरीक्षण अथवा मांग के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
पत्र में कहा गया है कि यदि एसडीएम को औचक निरीक्षण करने तथा पंजीकाओं एवं अभिलेखों की मांग करने के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर मंडल द्वारा लिखित रूप से अधिकृत किया गया है तो संबंधित आदेश अथवा प्राधिकरण पत्र की प्रति नगर पालिका कार्यालय में शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
नपा अध्यक्ष किरन जायसवाल ने पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग लखनऊ, मंडलायुक्त गोरखपुर, जिलाधिकारी कुशीनगर और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कुशीनगर को भी भेजी है। एसडीएम के औचक निरीक्षण के बाद नगर पालिका प्रशासन की ओर से उठाई गई आपत्ति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।









