नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर आर्थिक कार्रवाई की धमकी और स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज को लेकर जारी गतिरोध ने तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी रही, लेकिन इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड करीब 7 फीसदी और अमेरिकी WTI करीब 8 फीसदी चढ़ चुका है। ब्रेंट करीब 93.55 डॉलर और WTI करीब 86.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
ट्रंप का दावा-होमुर्ज खुला, लेकिन आवाजाही सामान्य नहीं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज खुला है और वहां से जहाजों की आवाजाही जारी है। हालांकि उपलब्ध शिपिंग आंकड़े बताते हैं कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बावजूद कुछ जहाजों को गुजरने में मदद मिली है।
सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, 19 अगस्त तक अमेरिकी सेना ने 65 जहाजों को होमुर्ज से आने-जाने से रोके जाने की जानकारी दी थी। उसी दौरान ट्रंप ने कहा था कि बड़ी संख्या में जहाज और तेल की खेप इस मार्ग से निकल रही हैं। हालांकि सामान्य स्थिति की तुलना में जहाजों की आवाजाही काफी कम बनी हुई है।
यानी ट्रंप के “होमुर्ज खुला है” वाले दावे को इस अर्थ में नहीं देखा जा सकता कि जलमार्ग पर पहले जैसी सामान्य और निर्बाध व्यावसायिक आवाजाही बहाल हो गई है।
क्यों बढ़ रही है कच्चे तेल की कीमत?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध, होमुर्ज से तेल आपूर्ति पर जोखिम और क्षेत्रीय देशों से होने वाले निर्यात में बाधा ने बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई है।
रॉयटर्स के मुताबिक, संघर्ष के कारण सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों से आपूर्ति प्रभावित हुई है। होमुर्ज से शिपिंग गतिविधि भी सामान्य स्तर से काफी नीचे है। इससे बाजार में तेल की उपलब्धता को लेकर जोखिम बढ़ा है।
20 अगस्त को ब्रेंट क्रूड में करीब 3.1 फीसदी की तेजी आई और कीमत 94.60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव के अगले कदम और होमुर्ज में जहाजों की आवाजाही पर बनी हुई है।
ट्रंप की ‘Economic D-Day’ धमकी से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर आर्थिक कार्रवाई की घोषणा की है। उन्होंने इसे अभूतपूर्व आर्थिक दबाव और “Economic D-Day” जैसे शब्दों में पेश किया है। अमेरिका का दबाव ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होमुर्ज से जुड़ी स्थिति को लेकर है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल ठहरी हुई है। ऐसे में बाजार को आशंका है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो मध्य-पूर्व से वैश्विक तेल आपूर्ति पर और दबाव पड़ सकता है।
होमुर्ज पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने
स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इसी वजह से यहां पैदा होने वाला कोई भी व्यवधान सीधे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित करता है।
अमेरिका का कहना है कि वह जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने की स्थिति में है, जबकि ईरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक उसकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सामान्य आवाजाही बहाल करना आसान नहीं होगा। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका की ओर से होमुर्ज पर नियंत्रण के दावों को भी खारिज किया है।
भारत पर क्या होगा असर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर भारत पर भी पड़ सकता है। फिलहाल घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो भारतीय तेल विपणन कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की नजर खास तौर पर इस बात पर है कि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे ऊपर जाता है या नहीं। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति संबंधी व्यवधान लंबे समय तक जारी रहे तो भारत में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहेगी।
फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चिंता क्या?
तेल बाजार के लिए सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि होमुर्ज तकनीकी रूप से खुला है या बंद, बल्कि यह है कि क्या इस रास्ते से तेल और जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर पर लौट पाती है या नहीं।
जब तक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता और होमुर्ज से तेल की नियमित आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को कीमतों में मामूली गिरावट के बावजूद इस सप्ताह क्रूड में मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई है
प्रिया गुप्ता









