रांची। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में JSSC-CGL समेत टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
सरकार के इस फैसले को आंदोलनरत छात्र अपनी बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों को लेकर कई अहम कदम उठाने का भरोसा दिया है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार से लेकर जांच का दायरा बढ़ाने और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।
1. परीक्षा व्यवस्था में होगा सुधार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार केवल मौजूदा विवाद का समाधान नहीं चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जो पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय हो। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी आयोगों के कामकाज और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के दौरान भी बड़ी संख्या में छात्रों से सुझाव प्राप्त हुए हैं।
2. छात्र हित में सख्त कानून लागू करने का दावा
सीएम सोरेन ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त कानून बनाया गया है और उसे प्रभावी तरीके से लागू करने की क्षमता भी सरकार के पास है। युवाओं की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ी थी।
इस मामले की जांच SIT और CID द्वारा की जा रही है। सरकार के अनुसार, जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और जांच का दायरा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं तक बढ़ाया गया है।
3. JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द करने का फैसला
छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच सरकार ने JSSC-CGL समेत टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले को आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों की दिशा में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
4. 14वीं JPSC और बैकलॉग पर समाधान का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षा से जुड़े मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। सरकार का कहना है कि छात्रों से जुड़े इन मामलों में संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी रहेगी।
5. JPSC-JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार
सरकार JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की राय लेने की दिशा में भी आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
सरकार के फैसले के बाद जहां आंदोलनरत छात्रों में राहत और उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं विपक्ष की ओर से सरकार की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का सवाल है कि यदि परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें पहले से सामने आ रही थीं, तो सरकार को कार्रवाई करने में इतना समय क्यों लगा।
फिलहाल, सरकार के इन फैसलों के बाद छात्रों का आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और परीक्षा व्यवस्था में प्रस्तावित सुधार कितने प्रभावी साबित होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।









