कसया। पुलिस ने मंगलवार देर रात एसआई अभिषेक यादव की तहरीर पर डुमरी चुरामन छपरा गांव में युवक मोहित मद्धेशिया की मौत के बाद शव को गोबरही चौराहे पर रखकर सड़क जाम करने के मामले में चार नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को मोहित मद्धेशिया की मौत के बाद डुमरी चुरामन छपरा में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान ग्रामीणों ने शव को गोबरही चौराहे पर रखकर कसया-रामकोला मार्ग अवरुद्ध कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटाने की अपील की, लेकिन लोग अपनी मांगों को लेकर सड़क से नहीं हटे।
तहरीर के मुताबिक अमित मद्धेशिया निवासी अहिरौली बाजार, बलराम राव निवासी रामकोला, विवेक मद्धेशिया निवासी अहिरौली बाजार और प्रवीण पांडेय समेत 15 से 20 अज्ञात लोग सड़क पर मौजूद थे। पुलिस ने लाउडहेलर के माध्यम से भीड़ को विधि विरुद्ध जमावड़े की जानकारी देते हुए सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद जाम जारी रहा।
पुलिस के अनुसार सुबह नौ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक मार्ग बाधित रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एंबुलेंस, सरकारी वाहनों और अन्य जरूरी वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हुई। पुलिस बल ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) के तहत लोक सेवक के वैध आदेश की अवहेलना से संबंधित प्रावधान, धारा 189(2) के तहत विधि विरुद्ध जमावड़े के सदस्य द्वारा आदेश न मानने से संबंधित प्रावधान, धारा 223 के तहत लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा तथा धारा 285 के तहत सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।









