ओडिशा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान कुशीनगर का सीआरपीएफ जवान शहीद, परिजनों को 50 लाख की सहायता

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कुशीनगर : हाटा क्षेत्र के रामपुर सोहरौना गांव निवासी सीआरपीएफ जवान सत्यवान सिंह ओडिशा में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान शहीद हो गए। आईईडी (IED) ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, सत्यवान सिंह की नियुक्ति वर्ष 2010 में सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन में हुई थी। 13 जून की शाम को वह ओडिशा के जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों की टीम के साथ नक्सलियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल जवान को तत्काल उपचार के लिए राउरकेला स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही। तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

शहादत की सूचना जैसे ही उनके गांव और परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पत्नी प्रियंका मल्ल को पति के शहीद होने की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा और वह बेहोश हो गईं। माता गीता सिंह, पिता प्रेम सिंह तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल व्याप्त है और लोग शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। हाटा विधायक मोहन वर्मा और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शहीद की पत्नी प्रियंका मल्ल, माता गीता सिंह और पिता प्रेम सिंह को 50 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।

शहीद सत्यवान सिंह की बहादुरी और राष्ट्रसेवा को क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनकी शहादत ने पूरे जनपद को गर्व और दुख दोनों का एहसास कराया है।

 

जिला प्रभारी: प्रेम सिंह

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