गोरखपुर, रविवार शाम गोरखपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को देशभक्ति की हुंकार भरेंगे तो इसके अगले दिन मंगलवार को गोरखपुरवासियों को विकास का उपहार देंगे। मुख्यमंत्री 10 अगस्त (सोमवार) को देशभक्ति और राष्ट्र प्रथम का संदेश देने के लिए महानगर में निकलने वाली भव्य तिरंगा यात्रा की अगुवाई करेंगे जबकि 11 अगस्त (मंगलवार) को 69.58 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर नगर परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक निकलने वाली तिरंगा यात्रा, ‘हर घर तिरंगा’ फहराने के अभियान का हिस्सा है। गोरखपुर में सोमवार को इस यात्रा का शुभारंभ सीएम योगी नगर निगम परिसर में स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्पार्चन के साथ करेंगे। इसके बाद यह यात्रा टाउनहॉल, गोलघर चौराहा, गणेश चौराहा, कालीमंदिर, यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष पहुंचेगी। यहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पार्चन के साथ यात्रा का विराम होगा। तिरंगा यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री सभी नागरिकों से अपने अपने घर पर तिरंगा फहराने का आह्वान करेंगे। उल्लेखनीय है कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने इस वर्ष राज्य में पांच करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को व्यापक जनांदोलन बनाने का आह्वान कर रखा है। तिरंगा यात्रा का आयोजन भी इसी आह्वान का विस्तार है।
गोरखपुर दौरे के दौरान सीएम योगी मंगलवार (11 अगस्त) सुबह गोरखपुर-सोनौली मार्ग से ग्रीन सिटी होते हुए माधोपुर बंधा तक सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण करेंगे। करीब दो किमी की लंबाई में इस सड़क के निर्माण पर 69.58 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह सड़क परियोजना बीते नौ सालों में मजबूत हुई गोरखपुर की रोड कनेक्टिविटी की श्रृंखला का नया उपहार है। यह नई सड़क परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग- 24 (सोनौली नौतनवां गोरखपुर) से निकलकर यह सड़क ग्रीन सिटी, पटनिया होते हुए माधोपुर बंधा तक जाती है। इसका चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड- 2 ने कराया है। सड़क चौड़ी हो जाने से ग्रीन सिटी और इससे जुड़ी कॉलोनियों में आवागमन सुगम होने के साथ ही माधोपुर बंधा जाने के लिए भी एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिला है। सड़क के दोनों तरफ ड्रेन का निर्माण कराया गया है ताकि जलनिकासी की भी समुचित व्यवस्था रहे।









