लखनऊ। राजधानी लखनऊ के केसरबाग बस डिपो में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चालक ने दूसरे चालक पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना के बाद डिपो परिसर में तनाव का माहौल बन गया। वहीं, चालक-परिचालकों ने ARM के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
चालकों का आरोप है कि ARM की प्रताड़ना से परेशान होकर चालक ने यह कदम उठाने की कोशिश की। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें दो-दो महीने तक वेतन नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने के बावजूद उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना जाता, बल्कि उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाती है।
चालक-परिचालकों ने आरोप लगाया कि जिन रूटों पर सवारियां नहीं मिलतीं, वहां भी जबरन बसों का संचालन कराया जाता है। इससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने डिपो परिसर में ही ARM के खिलाफ विरोध जताया। कर्मचारियों ने वेतन भुगतान और कथित प्रताड़ना से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है।
फिलहाल, मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। घटना के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना भी बाकी है।









