महराजगंज। निचलौल ब्लॉक अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में करीब दो दशक से रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत कर्मियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले सिसवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेमसागर पटेल के माध्यम से भेजे गए पत्र में रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने की अपील की है।
रोजगार सेवकों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ मनरेगा के तहत ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की निगरानी और मनरेगा से जुड़े कार्यों में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बनी हुई हैं।
रोजगार सेवकों ने बताया कि चार अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं में एचआर पॉलिसी को शामिल किया गया था, लेकिन कई वर्ष बीतने के बाद भी इसका शासनादेश जारी नहीं हो सका है। विभागीय स्तर पर अभी भी इसे शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन बताया जा रहा है। रोजगार सेवकों ने एचआर पॉलिसी को तत्काल लागू करने की मांग की है।
इसके अलावा रोजगार सेवकों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, न्यूनतम 24 हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने और अलग बजट की व्यवस्था कर समयबद्ध तरीके से मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने मृतक आश्रित संबंधी शासनादेश संख्या 73/38-7002 (099)/143/20219, दिनांक 18 मार्च 2024 का अनुपालन कराने की भी मांग उठाई है।
रोजगार सेवकों ने एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) में भी कार्य दिए जाने की मांग की। उनका कहना है कि महिला मेट को वीबी-ग्राम जी में कार्य दिया जा रहा है, ऐसे में रोजगार सेवकों को भी एनआरएलएम से जोड़कर उनकी सेवाओं का उपयोग किया जाना चाहिए।
पत्र के माध्यम से रोजगार सेवकों ने सरकार से वर्षों से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेकर शासनादेश जारी करने और समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।









