कुशीनगर। पड़रौना तहसील के विशुनपुरा विकासखंड के ग्राम पंचायत नरचोचवा में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल योजना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं पर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर ग्राम निवासी अमरनाथ गोंड की ओर से लगातार प्रसारित किए जा रहे कुछ दावे योजना की वास्तविक प्रगति और विभागीय अभिलेखों से मेल नहीं खाते हैं। अधिकारियों के अनुसार नरचोचवा ग्रामीण पेयजल योजना का निर्माण जल जीवन मिशन के अंतर्गत शासन द्वारा नामित कार्यदायी संस्था मेसर्स एनसीसी लिमिटेड के माध्यम से कराया जा रहा है।
योजना के तहत एक ट्यूबवेल और पंपिंग प्लांट का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं 450 किलोलीटर क्षमता एवं 14 मीटर स्टेजिंग वाले शिरोपरि जलाशय का निर्माण स्लैब लेवल तक पूरा हो गया है। पंप हाउस का निर्माण भी पूर्ण बताया गया है, जबकि गेट सहित बाउंड्रीवाल का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
22.62 किमी वितरण प्रणाली का कार्य पूरा
योजना के तहत कुल 23.14 किलोमीटर वितरण प्रणाली प्रस्तावित है, जिसके सापेक्ष 22.62 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसी तरह 958 घरों में गृह जल संयोजन देने का लक्ष्य निर्धारित है। अधिकारियों के मुताबिक लगभग सभी घरों तक एमडीपीई पाइप बिछाने का काम किया जा चुका है।
गृह जल संयोजनों में जीआई पाइप और सीसी ग्राउटिंग से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं। पाइपलाइन की टेस्टिंग डीजी के माध्यम से डायरेक्ट पंपिंग कर की जा रही है। योजना के अन्य शेष कार्य भी निर्माणाधीन बताए गए हैं।
पीपल के पेड़ के कारण सोलर सेट का कार्य प्रभावित
अधिकारियों ने बताया कि जलकल परिसर में स्थित पीपल के पेड़ को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की आपत्ति के कारण प्रस्तावित सोलर सेट के अधिष्ठापन का कार्य फिलहाल शुरू नहीं हो सका है। इस संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है, ताकि सोलर सेट का कार्य भी पूरा कराया जा सके।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन के अनुसार भारत सरकार की ओर से योजना को पूर्ण करने की अंतिम समय-सीमा मार्च 2027 निर्धारित है। इस अवधि में शेष निर्माण कार्य पूरे कर ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल जीवन मिशन के पोर्टल पर भी योजना की स्थिति निर्माणाधीन और जलापूर्ति प्रारंभ न होने के रूप में दर्ज है।
प्रशासन का कहना है कि योजना की वास्तविक प्रगति का आकलन कार्यस्थल पर हुए निर्माण, विभागीय अभिलेखों और जल जीवन मिशन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया जा सकता है। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर अपूर्ण अथवा भ्रामक जानकारी प्रसारित किए जाने से ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने की बात कही है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सरकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि संबंधित विभाग अथवा अधिकृत पोर्टल से करें। अधिकारियों के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है।
साजिद अंसारी पड़रौना









