स्वतंत्र हित संवाददाता
बहराइच। जिले के ग्राम प्रधानों ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रधानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। साथ ही तीन दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
पंचायत विकास मंच के प्रदेश संयोजक सूरज शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा के लगभग 4400 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसको लेकर नौ और दस अगस्त को धरना दिया गया था। प्रभारी मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बहराइच में पिछले पांच महीनों से प्रशासक संबंधी फाइलों का अनुमोदन नहीं किया गया है। उन्होंने पांच लाख रुपये तक की फाइलों का अनुमोदन ब्लॉक स्तर पर करने की मांग की।
इसके अलावा प्रशासक अवधि का मानदेय देने, मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी, पात्र प्रधानों को शस्त्र लाइसेंस में छूट और पंचायत प्रतिनिधियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
प्रधानों ने वीबी-जी राम योजना में तकनीकी दिक्कतें दूर करने और ग्राम पंचायतों में दोहरी जांच व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की।
सूरज शुक्ला ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर प्रदेश के 57 हजार से अधिक प्रधान लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे।









