कसया। सीलिंग की पट्टे की जमीन पर कब्जे, अवैध निर्माण व खनन, प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने और बारिश-आंधी से बर्बाद फसलों का मुआवजा नहीं मिलने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को मजदूर यूनियन और सीपीआईएम ने प्रशासन के सामने आवाज उठाई। दोनों संगठनों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया जी. अक्षय दीपक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
असंगठित मजदूर यूनियन ने नगर पालिका परिषद कुशीनगर में शामिल पिपरा सपहां की सीलिंग की पट्टे वाली जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। वहां आवास निर्माण और अवैध खनन की भी शिकायत की गई। यूनियन ने भूमि की पैमाइश कराकर अवैध कब्जा हटाने, मृत पट्टेदारों के वारिसों के नाम वरासत दर्ज कराने और जमीन सुरक्षित कराने की मांग की। प्राथमिक विद्यालय के सुंदरीकरण और मुख्य मार्गों के निर्माण की मांग भी उठाई गई।
वहीं, सीपीआईएम ने लगातार बारिश और आंधी से बर्बाद फसलों के लिए 39 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने तथा प्रत्येक खेत का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की। पार्टी ने जून 2025 में सरकारी कृषि रक्षा इकाई से वितरित धान के बीज से फसल खराब होने का आरोप लगाते हुए प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति देने की मांग की।
आवास योजना में अपात्रों को लाभ का आरोप
दोनों संगठनों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि अपात्रों को पात्र बनाकर आवास का लाभ दिया जा रहा है। लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कर अपात्रों का चयन निरस्त करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
सीपीआईएम ने एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच समेत निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न मांगें रखी गईं। इस दौरान अयोध्या लाल श्रीवास्तव, अक्षयबर पासवान, ओमप्रकाश शर्मा, दीपक प्रसाद, आशुतोष, जवाहर शर्मा, वीपी गुप्ता, गेंदा सिंह, कैलाश गिरी, राजेंद्र सिंह, आसिफ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।









