अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शन और अपनी मांगों को उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। इससे वकीलों में असंतोष बढ़ रहा है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए नवंबर में प्रदेशभर के अधिवक्ताओं को एकजुट करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिवक्ता विधानसभा के सामने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही विधानसभा घेराव के जरिए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
हड़ताल से न्यायिक कामकाज प्रभावित
कानपुर कचहरी में लगातार छह बुधवार से जारी हड़ताल का असर न्यायिक कामकाज पर भी पड़ रहा है। मुकदमों की पैरवी और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए कचहरी पहुंचने वाले वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, न्यायिक कार्यों से जुड़े अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
अधिवक्ताओं के इस आंदोलन के बीच अब नवंबर में प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर निगाहें टिकी हैं। यदि प्रदेशभर के अधिवक्ता इसमें शामिल होते हैं, तो आंदोलन का दायरा और व्यापक हो सकता है। फिलहाल, अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।









