महाराजगंज भगवान बुद्ध के पवित्र ऐतिहासिक स्थल रामग्राम के पुरातात्विक रहस्यों को दुनिया के सामने लाने के लिए अब एक बड़े और व्यापक अभियान की तैयारी पूरी
महराजगंज। भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल रामग्राम के प्राचीन रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए अब दूसरे चरण का वैज्ञानिक उत्खनन शुरू होने जा रहा है। इस बार उत्खनन का दायरा पहले के मुकाबले दस गुना
बड़ा होगा, जिससे रामग्राम के प्राचीन कालखंड और इसके बौद्ध इतिहास से जुड़े कई अहम और अनछुए पहलुओं के सामने आने की पूरी उम्मीद है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने स्थानीय वन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सब कुछ ठीक रहा तो इसी वर्ष नवंबर या दिसंबर माह से खुदाई का काम शुरू हो जाएगा।
पहले चरण में एएसआई ने केवल 0.01 हेक्टेयर (10×10 मीटर) के सीमित दायरे में ट्रायल ट्रेंच के जरिए शुरुआती पड़ताल की थी। उस छोटी सी जांच में 2.24 मीटर ऊंची प्राचीन ईंटों से निर्मित संरचना, अलंकृत ईंटें, मृद्भांड के टुकड़े और मूर्तियों के अवशेष मिले थे।
अब दूसरे चरण में एएसआई 0.25 हेक्टेयर (2500 वर्गमीटर) के विशाल क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन कराएगा। जुलाई और अगस्त माह में किए गए प्राथमिक सर्वेक्षण के आधार पर ‘कन्हैया बाबा स्थान’ के मुख्य टीले पर 50×50 मीटर का दायरा चिह्नित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यापक उत्खनन का मुख्य उद्देश्य मुख्य टीले और उससे जुड़े पुरातात्विक अवशेषों के आपसी ऐतिहासिक संबंधों को गहराई से समझना है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन परिपथ से जुड़ने की राह आसान हो गई है।
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक स्थल को वैश्विक पटल पर लाने के लिए पूरी तरह गंभीर है। दूसरे चरण के उत्खनन से मिलने वाले ठोस पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर रामग्राम को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन परिपथ से सीधे जोड़ने की योजना है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यहां पर्यटकों के लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से एएसआई टीम को सुरक्षा और अन्य सभी जरूरी संसाधन प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि रामग्राम में पहले चरण के सफल ट्रायल के बाद अब 2500 वर्गमीटर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वैज्ञानिक उत्खनन कराया जाएगा। इसके लिए सभी औपचारिकताएं और संयुक्त निरीक्षण पूरा हो चुका है।









