गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई झड़प और मारपीट पर अखिलेश यादव ने आपत्ति जताई है| इस घटना के बाद उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए गोरखपुर की पार्टी की सभी जिला और महानगर इकाइयों तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है|
जिला और महानगर इकाइयां तत्काल प्रभाव से भंग
गोरखपुर में बीते शनिवार को प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद बड़ा फैसला लिया है| उन्होने गोरखपुर की पार्टी की सभी जिला और महानगर इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है| इसके साथ ही सपा कार्यालय की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है, जिसके अनुसार गोरखपुर के जिलाध्यक्ष के साथ जिला कार्यकारिणी, महानगर कार्यकारिणी को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है| साथ ही सपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल गोरखपुर से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को उनके पद से हटा दिया है|
कुर्सी पर बैठने को लेकर हुआ विवाद
दरअसल, पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए गोरखपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी| इसी बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया और कुछ ही समय में बात हाथापाई तक पहुंच गया| इस दौरान गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई| इसके साथ ही हाल ही में जेल से बाहर आए सपा नेता जफर अमीन डक्कू और स्थानीय नेताओं के बीच भी खींचतान की खबर सामने आई| प्रेस क्लब में हुए विवाद के बाद पार्टी ने बांसगांव के पूर्व अध्यक्ष अंशुमान सिंह को सपा से निष्कासित कर दिया|
आगे की प्रक्रिया
फिलहाल, गोरखपुर में नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर पार्टी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है| संगठन की आगे की प्रक्रिया किस तरह होगी, इसे लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है|









