सफाई कर्मचारियों ने नगर पंचायत कार्यालय के सामने दिया धरना, ईओ पर दुर्व्यवहार का आरोप

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गांधी जयंती पर झंडारोहण के बाद शुरू हुआ विवाद, कर्मचारियों ने अतिरिक्त काम और बातचीत के तरीके पर जताई नाराजगी; अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ धरना

कुशीनगर। नगर पंचायत सुकरौली में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम के बाद सफाई कर्मचारियों ने नगर पंचायत कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। महिला और पुरुष सफाई कर्मचारियों के अचानक धरने पर बैठने से कुछ देर के लिए नगर पंचायत परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने तथा बातचीत के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

कर्मचारियों का कहना था कि उनसे सफाई कार्य के अलावा अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी कराई जाती हैं। कुछ महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें रात में भी काम के लिए बुलाया जाता है। कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने को लेकर फटकार लगाए जाने और अधिकारियों द्वारा बातचीत के दौरान अपनाए गए रवैये पर भी नाराजगी जताई।

सफाई कर्मचारी धर्मेंद्र कनौजिया, अनिल यादव और गंगेश समेत अन्य कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि कर्मचारियों से काम तो लिया जाता है, लेकिन उनके साथ बातचीत के दौरान सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि वे नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

कूड़ा उठाने को लेकर हुई थी नाराजगी

वहीं, अधिशासी अधिकारी कनुप्रिया शाही ने कर्मचारियों के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कर्मचारियों को कूड़ा उठाने के लिए भेजा गया था। निर्धारित स्थानों से कूड़ा नहीं उठाए जाने पर कर्मचारियों को काम के प्रति लापरवाही को लेकर फटकार लगाई गई थी। उनका कहना है कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ईओ ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी। काम किए बिना भुगतान नहीं लिया जा सकता। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत के सभी वार्डों में सफाई नायक तैनात हैं और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी तय की गई है। लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ धरना

सफाई कर्मचारियों के धरने की जानकारी मिलने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष राजनेति कश्यप और अधिशासी अधिकारी कनुप्रिया शाही मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने दोनों के सामने अपनी समस्याएं और आरोप रखे। इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई।

काफी देर तक चले विवाद और बातचीत के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ने कर्मचारियों को समझाया। अध्यक्ष की ओर से कर्मचारियों से माफी मांगने के बाद कर्मचारी धरना समाप्त करने पर सहमत हुए। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना धरना खत्म कर दिया।

धरना समाप्त होने के बाद सफाई कर्मचारी गांधी जयंती के अवसर पर नगर पंचायत क्षेत्र में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में दोबारा जुट गए। कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में सफाई कार्य शुरू कर दिया।

फिलहाल, मामले में कर्मचारियों और अधिशासी अधिकारी की ओर से अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। कर्मचारियों ने जहां दुर्व्यवहार और अतिरिक्त कार्य कराए जाने का आरोप लगाया है, वहीं अधिशासी अधिकारी ने पूरे मामले को काम में लापरवाही को लेकर की गई कार्रवाई से जोड़कर अपना पक्ष रखा है। बातचीत के बाद विवाद समाप्त हुआ और कर्मचारी काम पर लौट आए।

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