कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पाकड़ी निवासी 26 वर्षीय शारदा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा 102 एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल किया गया। सूचना मिलते ही 102 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और मरीज को आवश्यक प्री-हॉस्पिटल केयर प्रदान करते हुए PHC बोदरवार, कप्तानगंज ब्लॉक ले जाने के लिए रवाना हुई।
मरीज पूर्ण अवधि की गर्भवती थीं। जांच के दौरान उनका Hb 8.5 g/dL तथा BP कम पाया गया। एम्बुलेंस द्वारा मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में EMT अश्वनी त्रिपाठी ने मरीज की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया। कुछ समय बाद EMT ने देखा कि मरीज का प्रसव किसी भी समय हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए EMT ने तत्काल आवश्यक तैयारी शुरू की और एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया, ताकि प्रसव बिना किसी जोखिम के कराया जा सके।
प्रसव के दौरान एक चुनौतीपूर्ण स्थिति सामने आई। नवजात शिशु की Umbilical Cord गले के आसपास लिपटी हुई थी। EMT ने अपनी सूझबूझ और सावधानी का परिचय देते हुए Umbilical Cord को सुरक्षित रूप से हटाया और इसके बाद एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।
सफल प्रसव के बाद नवजात सक्रिय अवस्था में पाया गया तथा उसका APGAR Score 9/10 रहा। मां और नवजात दोनों को आवश्यक प्री-हॉस्पिटल केयर प्रदान की गई और सुरक्षित रूप से PHC बोदरवार, कप्तानगंज ब्लॉक पहुंचाया गया।
इस पूरे केस में EMT अश्वनी त्रिपाठी ने अपनी तत्परता, सूझबूझ और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वहीं पायलट अमित द्विवेदी ने एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोकने एवं मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह केस 102 एम्बुलेंस सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी प्री-हॉस्पिटल केयर का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। 102 एम्बुलेंस सेवा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस मामले में समय पर एम्बुलेंस की उपलब्धता, EMT की सतर्कता, सही समय पर लिया गया निर्णय और सुरक्षित प्री-हॉस्पिटल केयर मां एवं नवजात दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। 102 एम्बुलेंस टीम की तत्परता से एक चुनौतीपूर्ण प्रसव को सुरक्षित रूप से पूरा कराकर मां और नवजात दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।









