संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हुआ आगाज, 12 अक्टूबर से चलेगा घर-घर दस्तक अभियान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गोरखपुर। जिले में बृहस्पतिवार से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज हो गया। महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, नगर आयुक्त अजय जैन, एडी हेल्थ डॉ बीएम राव और सीएमओ डॉ राजेश झा ने नगर निगम परिसर से जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मौजूद लोगों को संचारी रोगों के नियंत्रण में योगदान देने की शपथ भी दिलाई गई। अभियान के दौरान एक माह तक करीब एक दर्जन विभाग आपस में मिल कर संचारी रोगों पर नियंत्रण की गतिविधियों का संचालन करेंगे। इसी बीच, 12 अक्टूबर लेकर 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार, टीबी, इन्फ्लुएंजा व डेंगू सहित कई संचारी रोगों के मरीजों की पहचान करेंगे और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल जाने को प्रेरित करेंगे।

अभियान के उद्घाटन अवसर पर महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस मौसम में संचारी रोगों के बढ़ने की आशंका कहीं अधिक बढ़ जाती है। इन बीमारियों पर नियंत्रण के लिए प्रति वर्ष यह अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से ही प्रति वर्ष यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत चलाए जाने वाले दस्तक अभियान में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाते हैं और और संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों को पहचान कर उनके इलाज के प्रभावी व्यवस्था में योगदान देते हैं। महापौर ने जनपदवासियों से अपील की कि वह अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और संचारी रोगों की रोकथाम के संबंध में स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह मानें।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने कहा कि यह अभियान साल में तीन बार चलाया जाता है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बीते पांच वर्षों में मस्तिष्क ज्वर (जापानीज इंसेफेलाइटिस) से जिले में एक भी मृत्यु नहीं हुई है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, नगरीय निकाय, पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस सहित करीब एक दर्जन विभाग आपसी समन्वय से गतिविधियों का संचालन करते हैं। इस बार का अभियान डेंगू और डायरिया संबंधी जनजागरूकता के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। अभियान के दौरान लोगों को विशेष तौर से यह संदेश दिया जाएगा कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही इलाज के लिए जाना है।

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ नंदलाल कुशवाहा, डॉ विनय पांडेय, डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ एनके द्विवेद्वी, मंडलीय कीट विज्ञानी डॉ वीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी प्रभात रंजन सिंह, वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम की कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ विनय सहित जिला क्षय रोग केंद्र, जिला मलेरिया विभाग, जिला फाइलेरिया विभाग, नगर निगम और कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]