रात से लगातार बढ़ रहा जलस्तर, दिन में गांवों में करीब तीन फीट तक बढ़ा पानी; लक्ष्मीपुर पड़रहवा, भगवानपुर और नौतार जंगल में दहशत, ग्रामीणों का पलायन शुरू
कुशीनगर। नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद नारायणी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। खड्डा विकास खंड के नारायणी नदी से सटे सीमावर्ती इलाकों में रात से ही बाढ़ का पानी बढ़ना शुरू हो गया था। सोमवार को दिन में गांवों के भीतर करीब तीन फीट तक पानी बढ़ने से हालात और गंभीर हो गए हैं। स्थिति यह है कि जिन गांवों में पिछले कई वर्षों से बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा था, वे भी अब इसकी चपेट में आ गए हैं। अचानक गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
खड्डा क्षेत्र के लक्ष्मीपुर पड़रहवा, भगवानपुर और नौतार जंगल में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली स्थिति लक्ष्मीपुर पड़रहवा गांव की है, जहां कई दशकों बाद बाढ़ का पानी पहुंचा है। ग्रामीणों को इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि नदी का पानी उनके गांव तक पहुंच जाएगा। अचानक पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है और वे अपने परिवार तथा जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
वहीं, भगवानपुर गांव में भी बाढ़ का पानी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है। पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। गांव में पानी बढ़ने के साथ ही लोगों के सामने रहने, खाने-पीने और अपने सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बाढ़ के इस संकट के बीच ग्राम प्रधानों की ओर से ग्रामीणों को सतर्क करने का प्रयास लगातार जारी है। लक्ष्मीपुर पड़रहवा के ग्राम प्रधान आनंद चौहान रात से ही गांव में लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सचेत कर रहे हैं। वहीं, भगवानपुर के प्रधान प्रतिनिधि रवि चौरसिया भी रातभर ग्रामीणों के साथ रहकर लोगों को जागरूक करते रहे, ताकि अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और गांवों में तेजी से फैलते बाढ़ के पानी ने सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। अब ग्रामीणों की निगाहें जलस्तर में कमी और प्रशासन की ओर से मिलने वाली राहत एवं बचाव व्यवस्था पर टिकी हैं।









