मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र के गोलाबाजार निवासी रावेंद्र बाबू पुत्र स्वर्गीय अशर्फी लाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपने छोटे भाई मनोज कुमार पर पिता की संपत्ति के बंटवारे में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रावेंद्र बाबू के पिता स्वर्गीय अशर्फी लाल मूल रूप से गोलाबाजार थाना कोतवाली, मैनपुरी के निवासी थे। आरोप है कि उनके छोटे भाई मनोज कुमार ने पिता की संपत्ति में हिस्सा बांटने को लेकर पूर्व में जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें रवीन्द्र बाबू पर अपने भाई के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। रवीन्द्र ने इन आरोपों को गलत बताया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनका भाई मनोज कुमार करीब 40 वर्षों से दिल्ली में रह रहा है और उसके कोई बीवी-बच्चे नहीं हैं। पिता की संपत्ति में करीब 1100 वर्गफीट का एक पुराना कच्चा मकान था, जो लगभग 30 वर्ष पूर्व बरसात में गिर गया था। रवीन्द्र के मुताबिक इस मकान को उन्होंने अपने खर्च से बनवाया था। इसके अलावा करीब 1700 वर्गफीट का एक प्लॉट खाली पड़ा है, जिसे उन्होंने अपने भाई मनोज के लिए घर बनवाने के उद्देश्य से देने की बात कही थी।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि पिता की करीब एक बीघा जमीन एन-जेड-ए आराजी लाइन, गोलाबाजार में थी, जिसे सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जा चुका है। रवीन्द्र का आरोप है कि वह करीब 30 वर्षों से पिता के पास रहकर उनकी सेवा करते रहे, जबकि उनके भाई मनोज कुमार पिता को देखने नहीं आते थे। उन्होंने बताया कि पिता ने पहले ही उनके नाम वसीयत कर दी थी, जिसकी फोटो कॉपी प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न है।
रावेंद्र बाबू ने जिलाधिकारी से मनोज कुमार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त करने और मामले में न्याय दिलाने की मांग की है। जिलाधिकारी मैनपुरी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की निर्देश दिए









