ठेला पलटने से जलेबी-पकौड़ी का खौलता तेल गिरा
पीड़ितों ने पुलिस पर लगाया लाठीचार्ज का आरोप,निजी अस्पताल पर भी उपचार में लापरवाही और अधिक रुपये लेने का आरोप, जिला अस्पताल में ईलाज जारी
ब्यूरो,कुशीनगर। जनपद के तमकुहीराज थाना क्षेत्र के समउर बाजार में बुधवार रात आयोजित डोल मेले में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मचने का आरोप सामने आया है। इसी दौरान एक ठेले के पलट जाने से जलेबी और पकौड़ी तलने के लिए रखा खौलता तेल गिरने से बिहार के गोपालगंज जिले के कटया निवासी पिता-पुत्र गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।पीड़ित मोहन मधेशिया (65) पुत्र सोमारी मधेशिया और उनके पुत्र श्याम कुमार मधेशिया (30) 23 सितंबर को दो दिवसीय डोल मेले में दुकान लगाने समउर बाजार आए थे।
पीड़ितों के अनुसार रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच अचानक पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से भगदड़ की स्थिति बन गई। इसी दौरान भीड़ उनके ठेले पर गिर पड़ी और ठेला पलट गया। ठेले पर जलेबी और पकौड़ी तलने के लिए रखा खौलता तेल पिता-पुत्र के ऊपर गिर गया, जिससे दोनों बुरी तरह झुलस गए। पीड़ितों का आरोप है कि जुलूस पहले ही आगे निकल चुका था और उस समय लाठीचार्ज की आवश्यकता नहीं थी। उनका कहना है कि वे मेले में दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और परिवार में कमाने वाले मुख्य सदस्य वही हैं। हादसे के बाद उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।

*निजी अस्पताल पर भी लगाए गंभीर आरोप*
घटना के बाद पुलिस ने दोनों को पास स्थित विनायक हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उपचार शुरू हुआ। पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल में देर रात से दोपहर तक उपचार के नाम पर करीब 22 हजार रुपये लिए गए और जब उन्होंने ने कहा कि अब हमारे पास पैसे नहीं है इलाज करें या नहीं करें उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
*क्या बोले जिम्मेदार*
इस संबंध में तमकुहीराज क्षेत्राधिकारी जयंत यादव ने बताया कि जलने की जानकारी मिलते ही पिता-पुत्र को तत्काल नजदीकी विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निजी अस्पताल द्वारा कथित रूप से अधिक रुपये लेने और शोषण के आरोपों पर उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। वहीं लाठीचार्ज के सवाल पर उन्होंने भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होने की जानकारी दी।
*जिम्मेदारों के ऊपर उठ रहे कई सवाल*
फिलहाल पिता-पुत्र का इलाज कुशीनगर जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि दोनों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था तो गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद समय रहते जिला अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया और बाद में पुलिस ने उनकी स्थिति की जानकारी क्यों नहीं ली। हालांकि इन सभी बिंदुओं की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
साजिद अंसारी पड़रौना









