कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुईसोहरा गांव निवासी ऐनुल की सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के 19 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने उन्हें बचाने के लिए कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बताया गया कि 25 अगस्त को ऐनुल सिंगहा से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रोआरी-बघपरना के पास तेज रफ्तार पल्सर बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऐनुल गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजनों ने उन्हें रचित अस्पताल और चिरंजीवी अस्पताल में भी भर्ती कराया।
परिजनों के लिए ये 19 दिन बेहद मुश्किल रहे। अस्पताल में इलाज के बीच हर दिन उन्हें यही उम्मीद रहती थी कि ऐनुल स्वस्थ होकर जल्द घर लौटेंगे। परिवार ने उनके इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी और लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे।
बाद में ऐनुल को दोबारा बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 19 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार परिवार की उम्मीदें टूट गईं।
ऐनुल की मौत से उनकी पत्नी रैसून और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस हादसे के बाद परिवार ने उनके ठीक होकर घर लौटने की उम्मीद लगा रखी थी, वही हादसा अब परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है।
मृतक की पत्नी रैसून की शिकायत पर पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की परिस्थितियों तथा आरोपी बाइक चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
एक सड़क हादसे ने पहले परिवार को 19 दिनों तक उम्मीद के सहारे रखा और फिर हमेशा के लिए ऐनुल को उनसे छीन लिया। पीछे रह गए पत्नी और परिवार के लोग, जिनके लिए अब 25 अगस्त की वह तारीख और अस्पतालों के चक्कर एक दर्दनाक याद बनकर रह गए हैं।









