शाहजहांपुर। जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को विभिन्न तहसीलों में मॉक अभ्यास कराया गया। सदर तहसील क्षेत्र स्थित कृभको फर्टिलाइजर प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाकर प्रशासन और संबंधित विभागों की राहत एवं बचाव व्यवस्था का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।
मॉक अभ्यास के दौरान अमोनिया गैस टैंक से रिसाव की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें सक्रिय हो गईं। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। अग्निशमन दल ने गैस रिसाव की स्थिति में पानी के स्प्रे तथा विशेष उपकरणों के प्रयोग का प्रदर्शन किया।
अभ्यास में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने, यातायात और भीड़ नियंत्रण तथा आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया को भी परखा गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार शिविर लगाकर संभावित प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविन्द कुमार ने मॉक एक्सरसाइज का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों की तैयारियों और आपसी समन्वय का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक औद्योगिक अथवा रासायनिक आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मॉक अभ्यास के दौरान कृभको के निदेशक (तकनीकी) विजय बांगर, इन्द्रमणि मिश्रा, अग्निशमन विभाग के हेड फिरोज खान, ए.के. चौहान, वीरेन्द्र बनकोटी, एस.के. मौर्य, आशुतोष मेहंदीरत्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अभ्यास के बाद अधिकारियों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप त्वरित कार्रवाई और बेहतर विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।









