बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र में लूट की झूठी कहानी रचने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल स्टोर की रकम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कर्ज को छिपाने के लिए एक युवक ने खुद के साथ लूट होने की फर्जी सूचना दी थी। जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता को ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 40 हजार 200 रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को ग्राम मंसूरपुर निवासी सुमित कुमार ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि तीन अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट कर मोबाइल फोन और 1 लाख 4 हजार 500 रुपये लूट लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम में कई तथ्य संदिग्ध मिले। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कथित लूट की घटना को झूठा बताते हुए 18 सितंबर को शिकायतकर्ता सुमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से मोटो G84 मोबाइल फोन और 40 हजार 200 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में पुलिस का दावा है कि सुमित ने मेडिकल स्टोर के गल्ले से बिना अनुमति रकम निकालने और मेडिकल फर्मों से प्राप्त कलेक्शन की राशि को अपने निजी खातों तथा ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खातों में जमा करने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज के चलते रकम खर्च करने के बाद सुमित ने मामले को छिपाने के लिए खुद के साथ लूट की झूठी कहानी तैयार की। कथित घटना को वास्तविक दिखाने के लिए उसने मोबाइल फोन और कुछ रकम के लूटे जाने की बात कही थी। पुलिस का कहना है कि बाद में मोबाइल फोन और 40 हजार 200 रुपये चकरोड तिराहे पर लगी शिलापट्टिका के पीछे घास-झाड़ियों में छिपा दिए गए थे।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में लूट की धारा हटाकर धारा 217, 305(ए) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रिपोर्ट— मोहम्मद रहमान, बिजनौर









