शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना, एसडीएम के आश्वासन पर समाप्त

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खड्डा (कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के नेबुआ चौराहे पर शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को भाजपा नेता और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि चौराहे पर संचालित शराब की दुकानों के कारण शाम होते ही शराब पीने वालों की भीड़ जुट जाती है, जिससे महिलाओं और छात्र-छात्राओं को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों के मुताबिक नेबुआ गांव से खड्डा जाने वाले रास्ते पर अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानें संचालित हैं। इनके बगल में बीयर की दुकान भी है। आरोप है कि शाम के समय दुकानों के सामने शराब पीने वालों की भीड़ जमा रहती है। खेतों की ओर जाने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे पर शराब की दुकान होने से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शराब की दुकानों के आसपास ही आईटीआई कॉलेज और इंटरमीडिएट कॉलेज स्थित हैं। ऐसे में स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी शराब की दुकानों के सामने से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने दुकानों को आबादी और शिक्षण संस्थानों से दूर स्थानांतरित करने की मांग की।

इससे पहले 25 अगस्त को भी शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर धरना-प्रदर्शन किया था। उस समय अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार निर्धारित समय बीतने के बाद भी दुकान नहीं हटाई गई। इसके बाद मंगलवार को दोबारा धरना दिया गया।

धरने की सूचना मिलने पर खड्डा एसडीएम रामवीर सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शराब की दुकान को एक सप्ताह के भीतर दूसरी जगह शिफ्ट कराने की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।

धरने के दौरान हरि गोविंद, शैलेश, दीपक, प्रिंस, लल्लन, राजू, फूलमती, शारदा, इंदू गंजा, विजय और सुनेना सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नेबुआ नौरंगिया थानाध्यक्ष संजय कुमार दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि तय समय में शराब की दुकान को स्थानांतरित नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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