लाखों की लागत का हेल्थ एटीएम बना शोपीस, गरीब मरीजों को नहीं मिल रहा जांच का लाभ

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धूल फांक रहा हेल्थ एटीएम, स्थापना के बाद से आज तक नहीं हुई एक भी जांच

कुशीनगर। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इन मशीनों के जरिए मरीजों को कई तरह की स्वास्थ्य जांचें मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना थी, लेकिन कुशीनगर के समउर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाया गया हेल्थ एटीएम जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अब तक चालू नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हेल्थ एटीएम लगाए जाने के बाद से आज तक इसका संचालन शुरू नहीं हुआ। ऐसे में मशीन अस्पताल परिसर में महज शोपीस बनकर रह गई है और धूल फांक रही है। सरकार की जिस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को नजदीक ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था, उसका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

बताया जाता है कि हेल्थ एटीएम के माध्यम से विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांचें मुफ्त में किए जाने की व्यवस्था है। इससे मरीजों को सामान्य जांच के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर खर्च करने से राहत मिल सकती थी। खासकर गरीब परिवारों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती थी।

लेकिन मशीन के चालू नहीं होने से सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से स्थापित हेल्थ एटीएम अगर मरीजों के काम ही न आए तो उसकी स्थापना का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मशीन को जल्द से जल्द चालू कराने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मरीजों को सरकारी योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।

अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस निष्क्रिय पड़े हेल्थ एटीएम को कब तक चालू कराते हैं और कब क्षेत्र के गरीब मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू होता है।

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