पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और बीमा सुविधा लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने गुरुवार को राजकीय महिला चिकित्सालय में कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारी अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन मांगों के समर्थन में काम नहीं किया। इससे पहले कर्मचारियों ने तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था।
आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. नितेश केसरी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा स्थायी कर्मचारियों के समान पद और समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कर्मचारियों ने बीमा सुविधा तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि बीमा सुविधा को मंजूरी मिलने के बावजूद अभी तक इसका लाभ नहीं दिया गया है। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
डॉ. केसरी ने बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान कोई कर्मचारी अनुपस्थित नहीं रहा। सभी कर्मचारी अस्पताल में मौजूद रहे और मांगों के समर्थन में कार्य से विरत रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जा सकता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी कर्मचारी संघ ने भी नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन करेगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल और एचआईवी/एड्स संबंधी सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी दी गई है।
रिपोर्ट – अशोक कुमार जायसवाल









