महराजगंज। आमजन को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने 5 अक्टूबर की देर रात जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी प्रोटोकॉल और पूर्व सूचना के सामान्य व्यक्ति के रूप में अस्पताल पहुंचे डीएम ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता और रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
डीएम ने मरीजों से यह भी पूछा कि इलाज या किसी अन्य सुविधा के लिए उनसे किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस या पैसे की मांग तो नहीं की गई। मरीजों और तीमारदारों ने ऐसी किसी मांग से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, प्रसव पश्चात कक्ष, फार्मेसी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. श्वेतांशु शाही और डॉ. शालिनी वर्मा बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दोनों चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात गार्डों के अनुपस्थित मिलने पर उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीएम ने प्रसव पंजिका, पोषण पंजिका, रेफरल पंजिका समेत विभिन्न अभिलेखों और रजिस्टरों की भी जांच की। कुछ पंजिकाएं सही तरीके से भरी नहीं मिलने पर संबंधित स्टाफ नर्सों को चेतावनी देते हुए सभी अभिलेख निर्धारित प्रारूप में अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्टाफ नर्सों से प्रोजेक्ट पहचान के बारे में जानकारी लेते हुए बच्चों में विकासात्मक बाधा और अस्थायी दिव्यांगता की समय से पहचान कर आवश्यक जांच व उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों से संबंधित सभी रजिस्टर व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स अर्चना सिंह, अर्चना पाण्डेय और अनुराधा गुप्ता मौजूद रहीं।
डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों को मिल रहे उपचार की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सम्मान का अधिकारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पतालों की नियमित औचक जांच जारी रहेगी और कमियां मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।









