अखिलेश यादव के ‘तीन नहीं, 403’ वाले पोस्ट ने राज्यसभा चुनाव के बीच सपा की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं|
ट्विट से सियासी हलचल तेज
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गणित सामने आने लगा है| मौजूदा संख्या बल के आधार पर समाजवादी पार्टी दो उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति में है| वहीं, तीसरी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए करीब 111 विधायकों का समर्थन होना जरूरी होगा, जबकि सपा के पास वर्तमान में इतनी संख्या नहीं है| ऐसे में अखिलेश यादव के हालिया ट्वीट के बाद पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की संभावनाएं और कमजोर मानी जा रही हैं| बता दें कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यूपी की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं|
अखिलेश यादव ने अपने एक्स पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है|” उनके इस पोस्ट को राज्यसभा चुनाव की मौजूदा सियासी गणित से जोड़कर देखा जा रहा है| ऐसा माना जा रहा है कि सपा तीसरी राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार उतारने के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगी है|
अटकलों को मिली हवा
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए एक सीट पर जीत के लिए 37 विधायकों के वोट जरूरी हैं| सपा के पास फिलहाल 98 विधायक हैं, जबकि रमाकांत यादव को वोट की अनुमति न मिलने पर यह संख्या 97 हो सकती है| वहीं कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन मिलने पर सपा के पास 99 वोट होंगे, जिससे दो सीटों के लिए जरूरी 74 वोट पूरे हो जाते हैं|
तीसरी सीट के लिए 111 वोट चाहिए, इसलिए सपा को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत थी| इसके लिए पार्टी “विपक्षी और अन्य दलों के विधायकों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही थी| पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव इससे पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि सपा तीसरी राज्यसभा सीट के लिए तभी प्रत्याशी मैदान में उतारेगी, जब उसके पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल होगा| अब उनके “तीन नहीं, चार सौ तीन” वाले पोस्ट ने पार्टी की रणनीति को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है|









