भारतीय बौद्ध महासभा तहसील इकाई खड्डा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कुशीनगर। भारतीय बौद्ध महासभा तहसील इकाई खड्डा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी खड्डा को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन कराने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि तहसील क्षेत्र में कुछ ऐसे लोगों द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, जो उनके अनुसार संबंधित श्रेणी के पात्र नहीं हैं। संगठन ने कहा कि यदि अपात्र लोगों को प्रमाण-पत्र जारी होते हैं तो इससे पात्र लोगों को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण के लाभ पर असर पड़ सकता है।
महासभा ने मांग की कि जाति प्रमाण-पत्र जारी करने से पहले आवेदक के पैतृक पेशे, पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक स्थिति की जांच कराई जाए। इसके साथ ही संबंधित गांव में स्थलीय सत्यापन कराने तथा राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों का नियमानुसार परीक्षण करने की मांग की गई।
पदाधिकारियों का कहना है कि आवेदन की प्रक्रिया में उचित जांच और सत्यापन होने से गलत दावों के आधार पर प्रमाण-पत्र जारी होने की संभावना कम होगी और पात्र लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
ज्ञापन में मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा कार्रवाई से संगठन को अवगत कराने का भी अनुरोध किया गया।
इस दौरान सुवाष गौतम, दीपलाल भारती, प्रकाश बहादुर, विजय भारती, राधाचरण, सुधई समेत भारतीय बौद्ध महासभा तहसील इकाई खड्डा के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।









