गाजीपुर। शारदीय नवरात्रि और दशहरा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजीपुर में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक विनय सिंह भारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरे। अधिकारियों ने अफीम फैक्ट्री से महुआबाग, मिश्रबाजार और कोतवाली होते हुए चीतनाथ घाट तक पैदल मार्च किया और विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया।
पैदल मार्च के दौरान अधिकारियों ने पंडालों में बिजली की व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। जहां भी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। बिजली से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग की टीमों ने भी जांच की और नीचे लटक रहे तारों को ऊंचा कराने की कार्रवाई की।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र में करीब 60 से 70 दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित हैं, जबकि पूरे जनपद में लगभग 500 पंडाल लगाए गए हैं। सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
दशहरा के दिन लंका मैदान में करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए रामलीला समिति के साथ समन्वय बनाकर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिले को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटकर पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी तरह की समस्या या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित करें।
प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा, गाजीपुर।









