अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार लेने से लेखपालों ने जताई असहमति
तमकुहीराज/कुशीनगर। तमकुहीराज तहसील के मीटिंग हॉल में मंगलवार को लेखपालों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार लेखपालों को सौंपे जाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर मौजूद लेखपालों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने में असमर्थता जताते हुए अपनी असहमति दर्ज कराई। लेखपालों का कहना है कि पहले से आवंटित ग्राम सभाओं के राजस्व संबंधी कार्यों का दायित्व उनके पास है, ऐसे में अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार मिलने से काम का दबाव और बढ़ जाएगा।
बताया जा रहा है कि तहसील प्रशासन की ओर से लेखपालों के सामने अतिरिक्त ग्राम सभाओं की जिम्मेदारी दिए जाने का विषय रखा गया था। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लेखपालों ने अपनी-अपनी समस्याएं और कार्यभार से संबंधित स्थिति अधिकारियों के समक्ष रखी। मौजूद लेखपालों ने अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार लेने पर सहमति नहीं जताई।
पहले से आवंटित गांवों का देख रहे काम
लेखपालों के मुताबिक उन्हें पहले से ही निर्धारित ग्राम सभाओं में राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। इसमें भूमि संबंधी मामलों, आय-जाति एवं निवास प्रमाणपत्रों से जुड़े सत्यापन, विरासत, नामांतरण सहित अन्य राजस्व कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मौके पर जाकर जांच और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कार्य भी किए जाते हैं।
लेखपालों का कहना है कि मौजूदा जिम्मेदारियों के बीच यदि अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार भी सौंप दिया जाता है तो कार्य का बोझ काफी बढ़ सकता है। उनका तर्क है कि इससे सभी मामलों को निर्धारित समय में पूरा करने में व्यावहारिक कठिनाई आ सकती है।
समयबद्ध निस्तारण को लेकर जताई चिंता
बैठक में लेखपालों ने अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ने की स्थिति में राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सीमित समय और मौजूदा कार्यभार के बीच अतिरिक्त ग्राम सभाओं की जिम्मेदारी संभालना चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों प्रभावित होने की संभावना है।
प्रशासन के अगले निर्णय पर नजर
बैठक के दौरान लेखपालों की ओर से अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार लेने पर सहमति नहीं दिए जाने के बाद मामला चर्चा में है। अब इस संबंध में तहसील प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है। यदि अतिरिक्त ग्राम सभाओं का कार्यभार देने का प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो लेखपालों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर आगे भी चर्चा होने की संभावना है।
फिलहाल मंगलवार को हुई बैठक में लेखपालों द्वारा सामूहिक रूप से अपनी असहमति सामने रखे जाने के बाद अतिरिक्त ग्राम सभाओं के कार्यभार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन के आगामी निर्णय के बाद ही तस्वीर साफ होगी।









