आगरा में 1.25 करोड़ की नौकरी ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी जॉइनिंग लेटर और परीक्षा परिणाम भेजकर लोगों को देता था झांसा

आगरा। सरकारी नौकरी पाने की चाह रखने वाले युवाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आगरा की साइबर क्राइम पुलिस ने सरकारी और संविदा पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी वीरू शर्मा (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर न्यू जनता कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार सक्सेना के बेटे को एएसआई क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13 लाख 25 हजार रुपये लेने का आरोप है। पुलिस पूछताछ में करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस ठगी के नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।

पत्नी की बीएलओ ड्यूटी के दौरान हुई थी आरोपी से मुलाकात

शिकायत के मुताबिक, अरविंद कुमार सक्सेना की पत्नी सुनीता सक्सेना शिक्षिका हैं और रोहता क्षेत्र में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के रूप में काम कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात वीरू शर्मा से हुई थी। आरोप है कि वीरू शर्मा ने खुद को समाजसेवी बताया और दावा किया कि लखनऊ में बड़े अधिकारियों तक उसकी पहुंच है। इसी परिचय के बाद आरोपी ने परिवार के साथ संपर्क बढ़ाया और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनका भरोसा जीतने की कोशिश की।

एएसआई क्लर्क की नौकरी दिलाने का दिया भरोसा

शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ समय बाद वीरू शर्मा ने फोन कर बताया कि उनके बेटे ने एएसआई क्लर्क की परीक्षा दी है और वह उसका चयन करा सकता है। आरोपी ने डीजीपी के पीआरओ से संबंध होने का दावा भी किया। परिवार को भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर राज शर्मा नाम के एक व्यक्ति से फोन पर बात कराई गई, जिसे डीजीपी का पीआरओ बताया गया था। पुलिस इन दावों और कथित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।

13.25 लाख रुपये लेने के बाद भेजी फर्जी पीडीएफ

अरविंद सक्सेना का आरोप है कि बेटे की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग मौकों पर कुल 13 लाख 25 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद व्हाट्सऐप पर परीक्षा परिणाम से संबंधित एक पीडीएफ भेजी गई। इससे परिवार को लगा कि उनके बेटे का चयन हो गया है या नौकरी मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

बाद में जब अरविंद सक्सेना ने आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम की जांच की, तो उसमें उनके बेटे का नाम नहीं मिला। इसके बाद परिवार को भेजे गए परिणाम पर संदेह हुआ और कथित ठगी का खुलासा हुआ। परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

पूछताछ में 1.25 करोड़ की ठगी की बात आई सामने

साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के दौरान करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या की पुष्टि के लिए जांच जारी है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि कथित ठगी के नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए भरोसा जीतने का आरोप

आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने अधिकारियों से संपर्क होने का दावा कर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद व्हाट्सऐप के जरिए कथित फर्जी परीक्षा परिणाम और जॉइनिंग लेटर भेजकर पीड़ितों को विश्वास दिलाया जाता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने लोगों से पैसे लिए गए हैं।



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