विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगी प्रथम स्तरीय जांच
महराजगंज, 10 अक्टूबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जिले में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसके मद्देनजर शनिवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस खुलवाकर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मशीनों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा एफएलसी के लिए उन्हें तैयार रखने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार संपन्न कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एफएलसी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए। उन्होंने पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन पर विशेष जोर दिया, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगी जांच
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच कराना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस जांच में मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी स्थिति की पड़ताल की जाती है। जांच का कार्य निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में किया जाता है। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहते हैं।
एफएलसी में सफल होने वाली मशीनों को ही चुनाव में इस्तेमाल के लिए योग्य माना जाएगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एफएलसी की प्रक्रिया की जानकारी आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विजय यादव, सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









