22 अक्टूबर से रोजाना सुबह 8 से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार की चेतावनी, पुरानी पेंशन बहाली से लेकर रिक्त पदों पर भर्ती तक की मांग
रिपोर्टर: रवेंद्र वर्मा
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बाराबंकी। बाराबंकी जिला अस्पताल में नर्सिंग संवर्ग की लंबित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सिंग स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर कर्मचारियों ने शासन के प्रति नाराजगी जताते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
13 सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों में आक्रोश
नर्सिंग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में गृह जनपद में तैनाती, रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति, नर्सिंग संवर्ग के पदों का पुनर्गठन तथा पुरानी पेंशन बहाली शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों ने समान भत्ते देने और निजीकरण समाप्त करने की मांग भी उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि समय से एसीपी का लाभ दिया जाए और संविदा तथा आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को वरिष्ठता एवं अनुभव के आधार पर नियमित किया जाए। नर्सिंग स्टाफ ने शासन से इन मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
22 अक्टूबर से रोजाना दो घंटे कार्य बहिष्कार की चेतावनी
संघ के आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य महानिदेशालय परिसर में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 22 अक्टूबर से प्रदेशभर में प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग और शासन के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं।
शासन के फैसले पर टिकी निगाहें
नर्सिंग कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के बीच अब देखना होगा कि शासन 13 सूत्रीय मांगों पर कब तक निर्णय लेता है और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर क्या रुख अपनाता है। कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।
स्टाफ नर्स (जिला अस्पताल, बाराबंकी)









